आज से शुरू हो रहा है ग्लोबल साउथ समिट, भारत की मेज़बानी में जुड़ेंगे 120 देश
भारत में आयोजित हो रहे दो दिवसीय ''वॉइस ऑफ़ ग्लोबल साउथ समिट'' की आज से शुरुआत हो रही है. इसका आयोजन 12 से 13 जनवरी के बीच होगा.
इसकी थीम ''वॉइस ऑफ़ ग्लोबल साउथ: मानव-केंद्रित विकास'' रखी गई है. इसके उद्घाटन समारोह को पीएम मोदी संबोधित करेंगे.
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के मुताबिक़ इस सम्मेलन में 120 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं.
भारत इस साल जी-20 का अध्यक्ष भी है और इस वर्चुअल सम्मेलन को भारत के जी-20 की अध्यक्षता के प्रभाव को बढ़ाने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है.
इससे पहले इतने बड़े पैमाने पर ग्लोबल साउथ के देशों का सम्मेलन नहीं हुआ है.
क्या है ग्लोबल साउथ?
आर्थिक और सामाजिक विकास के आधार पर दुनिया को बाँटने की संकल्पना में दुनिया को दो हिस्सों में बाँटा गया है.
एक है ग्लोबल नॉर्थ और दूसरा है ग्लोबल साउथ.
ग्लोबल नॉर्थ में दुनिया के अधिक विकसित, समृद्ध और ओद्योगिक विकास वाले देश हैं, जैसे अमेरिका, यूरोपीय देश, जापान, दक्षिण कोरिया आदि.
वहीं ग्लोबल साउथ में आर्थिक और सामाजिक विकास के आधार पर कम विकसित देश हैं. इनमें लातिन अमेरिका, अफ़्रीका, एशिया और ओसिनिया के देश हैं.
भौगोलिक आधार पर भी ये देश दुनिया के दक्षिणी हिस्से में आते हैं.
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के मुताबिक़ दो दिन तक चलने वाले इस वर्चुअल सम्मेलन में 10 सत्र होंगे, जिनमें अलग-अलग देशों के मंत्री और राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा लेंगे.
इस सम्मेलन का मक़सद ग्लोबल साउथ में आने वाले देशों को अलग-अलग वैश्विक मुद्दों पर अपना पक्ष रखने के लिए प्लेटफ़ॉर्म उपलब्ध कराना है.
विदेश मंत्रालय का कहना है कि ये प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' पर आधारित है.
इस सम्मेलन में आर्थिक विकास, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और कारोबार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होगी.
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